बिजनौर से तीन भ्रष्ट अधिकारियों का हुआ स्थानांतरण जनता ने ली राहत की सांस

बिजनौर से तीन भ्रष्ट अधिकारियों का हुआ स्थानांतरण जनता ने ली राहत की सांस

जनपद में लगातार काफी समय से टिके हुए 3 भ्रष्ट अधिकारियों का स्थानांतरण हो जाने से जनता ने राहत की सांस ली है। वही बीजेपी के कुछ अधिकारियों से अभद्रता करने और बीजेपी के मंत्री नेताओं की न सुनने से बीजेपी की लगातार हो रही किरकिरी के चलते जनपद से सीएमओ सीएमएस और एडीएम प्रशासन का तबादला किसी गैर जनपद को किया गया है। तीनों ही अधिकारी काफी लंबे समय से जनपद में टिके हुए थे और लगातार भ्रष्टाचार फैला रहे थे, इनके खिलाफ श्री जी एक्सप्रेस ने लगातार मुहिम चलाई इनके भ्रष्टाचार को उजागर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हद तो तब हो गई जब इन्होंने कोरोना कॉल में जनता के साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। यदि कोई भी व्यक्ति इन्हें फोन करता तो यह किसी का फोन नहीं उठाते थे। यहां तक कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं के भी इन्होंने फोन नहीं उठाए श्री जी एक्सप्रेस लगातार इनके भ्रष्टाचार की पोल खोल रहा था। उसके बावजूद भी बीजेपी के कार्यकर्ताओं और मंत्रियों ने इस और कोई ध्यान नहीं दिया और ना ही उच्च अधिकारियों ने किंतु जब इनकी किरकिरी हुई तो इन्होंने इन तीनों ही भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने इनका स्थानांतरण गैर जनपद में कर दिया। हम आपको बताते चलें की सीoएमoओo साहब सपा परिवार के नजदीकी माने जाते थे यह भी समाचार बड़ी प्रमुखता से प्रकाशित हुए हैं। उसके बावजूद भी बीजेपी सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया कि जब सपा के नजदीकी कहे जाने वाले सीoएमoओo जनपद में तैनात थे तो यह कैसे बीजेपी के कार्यकर्ताओं और मंत्रियों की कैसे सुनते। पिछले साल भी ₹50000 को लेकर एक बीजेपी कार्यकर्ता और सीoएमoओo साहब की बड़ी फजीहत हुई है। हाल ही में एक महिला बीजेपी कार्यकर्ता ने भी सीoएमoओo साहब के खिलाफ काफी हंगामा किया। किसानों ने तीन-चार दिन पहले सीoएमoओo ऑफिस में जाकर जमकर हंगामा किया, उसके बावजूद भी सरकार ने इन सब बातों को दबा दिया और कोई संज्ञान नहीं लिया किंतु जब स्वम पर पड़ी और सरकार की जमकर फजीहत होने लगी तो सी0एम0ओ0, सी0एम0एस0 और ए0डी0एम 0 प्रशासन की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई। इससे पहले भी यही अधिकारी जमकर भ्रष्टाचार फैला रहे थे तब बी0जे0पी0 कार्यकर्ताओं ने सरकार की छवि को खराब होने से क्यों नहीं बचाया। आज जब सरकार की छवि लगातार खराब हो रही थी तब इन्होंने इनका स्थानांतरण कराया। आज जब हजारों की संख्या में बैराज घाट पर इन तीनों अधिकारियों की लापरवाही के चलते मौतें हो गई चिताए जल गई तो इन्होंने इनके खिलाफ हत्या का मुकदमा क्यों नहीं दर्ज कराया। केवल स्थानांतरण करा देने से इस दुनिया से चले गए हैं उन्हें न्याय नहीं मिल सकता जिन लोगों के परिवार इन लोगों की वजह से उजड़ गए हैं कुछ और भी सरकार को ध्यान देना चाहिए था। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा कर देना चाहिए था और इनकी सेवाएं समाप्त कर देनी चाहिए थी। यह हम नहीं कहते आज जिनके घर उजड़ गए आज यह बात वह लोग कह रहे हैं जनता चीक चीक कर कह रही है कि जो आज हुआ यदि आज से एक महा नहीं 1 वर्ष पहले हो जाता तो शायद बहुत से घरों के दीपक बुझने से बच गए होते।

Bijnor