उत्तराखंड के मौसम विज्ञानी माने जाते हैं हरक सिंह

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देहरादून। उत्तराखंड के मौसम विज्ञानी के नाम से मशहूर पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के बारे में माना जाता है कि वह चुनाव से पहले जिस पार्टी से नाता जोड़ते हैं, उसी की सरकार बन जाती है। यही कारण है कि दबंग और विवादित छवि होने के बावजूद उनके चुनाव जीतने की क्षमता और पार्टी के सत्ता में आने की संभावना के चलते विभिन्न राजनीतिक दल उन्हें अपने साथ जोड़कर रखना चाहते हैं। अपने 31 साल के राजनीतिक सफर में हरक सिंह बसपा से लेकर भाजपा और कांग्रेस तक सभी पार्टियों में रह चुके हैं।

रावत ने अपना राजनीतिक कैरियर उत्तराखंड बनने से पहले अविभाजित उत्तर प्रदेश से शुरू किया जब उन्होंने 1991 में पौडी सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और विधायक बने। तत्कालीन कल्याण सिंह सरकार में पर्यटन राज्य मंत्री बने हरक सिंह, सरकार के सबसे कम उम्र के मंत्री थे। वर्ष 1993 का चुनाव भी वह पौडी से ही जीते।

वर्ष 1996 में वह भाजपा छोड़कर बसपा में शामिल हो गए। उस दौरान वह उत्तर प्रदेश बसपा में महामंत्री रहे। हालांकि, 1998 में बसपा के टिकट पर वह पौडी सीट से नहीं जीत पाए जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। उत्तराखंड बनने के बाद 2002 में उन्होंने लैंसडौन से जीत दर्ज की और नारायण दत्त तिवारी की सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। अगले चुनाव में भी उन्हें लैंसडौन से जीत मिली लेकिन कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने के बावजूद वह पांच साल नेता प्रतिपक्ष रहे।

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