कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 20 से 25 चीतों को बसाने के लिए है पर्याप्त जगह एवं संसाधन

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श्योपुर। भारत में अफ्रीकी चीतों के नए बसेरे मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में 20 से 25 चीतों को रखने के लिए पर्याप्त जगह और उनके भोजन के लिए शिकार उपलब्ध है। नामीबिया से विशेष बी747 विमान से लाए गए आठ चीतों को केएनपी में 17 सितंबर को छोड़ा गया, जिससे यह उद्यान पूरी दुनिया में सुर्खियों में आ गया है। इन आठ चीतों में से पांच मादा और तीन नर हैं।
कैसे रहेंगे चीते
मोदी ने तीन चीते छोड़े, जबकि शेष पांच चीतों को अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने छोड़ा। विशेष बाड़े को छह हिस्सों में विभाजित किया गया है। दो हिस्सों में दो-दो चीते रखे गए हैं, जबकि अन्य चार में एक-एक चीता रहेगा।
एक महीने का पृथकवास
अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार एक महीने की पृथकवास अवधि खत्म होने के बाद उन्हें जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए आजाद किया जाएगा। नामीबिया से चीते की पहली खेप मिलने के बाद भारत अब दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीतों को आयात करेगा और इसके लिए प्रयास जारी हैं।
कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) का भूगोल
केएनपी 750 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है और इसमें 20 से 25 चीतों को रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है। इसके अलावा, उनके भोजन के लिए वहां प्रर्याप्त मात्रा में शिकार उपलब्ध हैं, जिनमें हिरण, चीतल, जंगली सूअर, नील गाय एवं चिंकारे शामिल हैं।
आम तौर पर धारणा है कि चीते को बसाने के लिए कम से कम 100 वर्ग किलोमीटर की जरूरत होती है, लेकिन यह दृष्टिकोण सही नहीं है। चीते उनके लिए निर्धारित क्षेत्र से भटक सकते हैं, लेकिन मानव-पशु संघर्ष की कोई संभावना नहीं है।

Rashifal

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