कोविड पर नए दिशानिर्देश

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कोविड मरीज दो-तीन हफ्ते से अधिक खांसी पर टीबी समेत अन्य जांच कराएं

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड मरीजों को सलाह दी है कि यदि खांसी दो-तीन सप्ताह से अधिक समय तक जारी रहती है, तो टीबी समेत अन्य जांच कराएं। वयस्क कोविड मरीजों के प्रबंधन को लेकर सोमवार को जारी संशोधित चिकित्सकीय दिशानिर्देश में यह सुझाव दिया गया। यह दिशानिर्देश स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत एम्स, आईसीएमआर-कोविड-19 राष्ट्रीय कार्यबल और संयुक्त निगरानी समूह (डीजीएचएस) की ओर से जारी किया गया।

दिशानिर्देश

इंजेक्शन के जरिए दिए जाने योग्य स्टेराइड से उन कोविड मरीजों को लाभ मिलने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है जिन्हें ऑक्सजन की जरूरत नहीं है।

एंटी-इंफ्लामेटरी या इम्यूनोमॉडलेटरी थेरेपी, जैसे कि स्टेरायड का इस्तेमाल, से म्युकरमाइकोसिस जैसे दुष्प्रभाव दिखने का खतरा रहता है खासकर तब जब हम इस थेरेपी का इस्तेमाल समय से पहले शुरू कर देते हैं या फिर तय समय से अधिक अवधि तक दवा की अधिक खुराक देते रहते हैं, तो भी दुष्प्रभाव पड़ता है।

रेमडेसिविर के उपयोग की सिफारिश केवल मध्यम से गंभीर बीमारी वाले रोगियों पर करने की गई है। लेकिन इस दवा का इस्तेमाल उन्हीं मरीजों पर किया जाए जिन्हें लक्षण की शुरुआत से 10 दिनों के भीतर गुर्दे या हेपेटिक अक्षमता की समस्या ना रही हो। उन रोगियों को रेमडेसिविर देने को लेकर चेतावनी दी गई है जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर नहीं हैं या घर में रह रहे हैं।

टोसीलिजुमाब दवा का उपयोग कोविड रोगियों की हालत गंभीर होने पर या आईसीयू में भर्ती होने पर 24 से 48 घंटे के भीतर किया जा सकता है। टोसीलिजुमाब का उपयोग कोविड के उन गंभीर मरीजों पर किया जा सकता है जिनमें सूजन अधिक है, लेकिन केवल तभी जब स्टेरॉयड के इस्तेमाल के बावजूद मरीज की हालत में सुधार नहीं हो रहा हो और उन्हें फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन नहीं है। दिशानिर्देश के मुताबिक कोविड मरीजों को मामूल, मध्यम और गंभीर रूप से संक्रमित होने की श्रेणियों में विभाजित किया जाए।

मध्य स्तर के कोविड मरीजों को इंजेक्शन मेथिलप्रेडनिसोलोन प्रति किलोग्राम 0.5 से लेकर एक मिलीग्राम की दो विभाजित खुराक में दिया जा सकता है या फिर डेक्सामेथासोन की एक खुराक पांच से 10 दिनों की अवधि तक दी जा सकती है। एक ही दवा को एक से दो मिलीग्राम प्रति किलोग्राम की दो विभाजित खुराकों में गंभीर मामलों में समान अवधि के लिए दिया जा सकता है। बिडेसोनाइड (मीटर्ड डोज इनहेलराड्राई पाउडर इनहेलर के माध्यम से दिया जाता है) हल्के मामलों में पांच दिनों के लिए 800 एमसीजी बीडी की खुराक पर दिया जा सकता है, लेकिन केवल तभी जब बीमारी के लक्षण (बुखारा खांसी) बीमारी की शुरुआत के पांच दिनों से अधिक समय तक रहते हैं।

सांस लेने में तकलीफ के बिना ऊपरी श्वसन मार्ग से संबंधित लक्षणों को हल्के रोग के रूप में वर्गीकृत करना चाहिए। ऐसे मरीजों को घर में पृथकवास में रहने की सलाह दी गई है। हल्के कोविड से पीड़ित लोगों को सांस लेने में कठिनाई, तेज बुखार, या पांच दिनों से अधिक समय तक चलने वाली गंभीर खांसी होने पर चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

जिन लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है और उनके एसपीओटू में 90-93 प्रतिशत के बीच उतार-चढ़ाव होता है, उन्हें एक वार्ड में भर्ती कराया जा सकता है, ऐसे मरीजों को मध्यम श्रेणी का माना जाएगा, लेकिन ऐसे रोगियों को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जाना चाहिए।

जिन लोगों की श्वसन दर 30 प्रति मिनट से अधिक है और सांस फूलने की दर या एसपीओटू की स्थिति कमरे की हवा में 90 प्रतिशत से कम है, तो ऐसे रोगियों को गंभीर स्तर का मानते हुए आईसीयू में भर्ती कराना चाहिए, क्योंकि उन्हें श्वसन सहायता की आवश्यकता होगी।

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