दक्षिण अफ्रीका ने तीसरे वनडे में भारत को हराकर श्रृंखला क्लीन स्वीप की

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दक्षिण अफ्रीका ने विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक के शतक के बाद गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से 23 जनवरी को यहां तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत को चार रन से हराकर श्रृंखला 3-0 से क्लीन स्वीप की। बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद दक्षिण अफ्रीका की पारी 49.5 ओवर में 287 रन पर सिमट गई। उसके लिए फॉर्म में चल रहे मैन आफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज डिकॉक ने 124 रन (12 चौके और दो छक्के) की शानदार शतकीय पारी जबकि रासी वान डर डुसेन (चार चौके और एक छक्का) ने 52 रन की पारी खेली। इस लक्ष्य के जवाब में भारतीय टीम रोमांचक मुकाबले में दीपक चाहर की अंत में खेली गई 54 रन (34 गेंद में पांच चौके और दो छक्के) की पारी से जीतने के करीब पहुंचने के बाद 49.2 ओवर में 283 रन पर सिमट गई और उसकी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ क्लीन स्वीप से बचने की उम्मीद टूट गई। दीपक चाहर ने दबाव की परिस्थितियों के बावजूद जबरदस्त जज्बा दिखाया। पर उनकी, सलामी बल्लेबाज शिखर धवन की 61 और पूर्व कप्तान विराट कोहली की 65 रन की अर्धशतकीय पारियां भी टीम के काम नहीं आ सकीं। भारतीय कप्तान केएल राहुल का बल्ला इस मैच में नहीं चला और वह पांचवें ओवर में लुंगी एनगिडी (58 रन देकर तीन विकेट) की पहली गेंद पर पर बल्ला छुआकर पहली स्लिप में खड़े जानेमन मलान को कैच दे बैठे। राहुल का विकेट गिरने के बाद धवन और कोहली ने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों का डटकर सामना किया और उन्हें खुद पर हावी नहीं होने दिया। धवन और कोहली ने दूसरे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी बना ली थी और इसे मजबूत करने की ओर बढ़ रहे थे।
धवन ने 17वें ओवर में 58 गेंद में पांच चौके और एक छक्के से 35वां अर्धशतक पूरा किया। इसके साथ ही अगले ओवर में टीम ने 100 रन भी पूरे किए।
धवन (73 गेंद में पांच चौके और एक छक्का) एंडिले फेलुकवायो (40 रन देकर तीन विकेट) की गेंद को हुक करने के प्रयास में ऊंचा खेल बैठे और विकेटकीपर डिकॉक ने आसान कैच लेकर उनकी पारी और दूसरे विकेट की 98 रन की साझेदारी समाप्त की। इसी ओवर में टीम ने विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का विकेट गंवा दिया जो खाता भी नहीं खोल सके।
केशव महाराज ने किफायती गेंदबाजी करना जारी रखा, उन्होंने अपने अंतिम ओवर में भारत को चौथा झटका कोहली के रूप में दिया। 32वें ओवर में कोहली उनकी गेंद के टर्न और उछाल को समझ नहीं सके और गेंद उनके बल्ले का किनारा छूकर बावुमा के हाथों में गई जो कवर प्वाइंट से भाग कर इसे लपकने दौड़े।
सूर्यकुमार यादव (39 रन) अब क्रीज पर थे और उन्होंने आते ही ऐडन मार्कराम पर छक्का जड़ा। पर अगले ओवर में वह भाग्यशाली रहे कि गेंद करीब से स्टंप से चूक गई। अय्यर और सूर्यकुमार ने पांचवें विकेट के लिए 39 रन जोड़ लिए थे लेकिन यह साझेदारी आगे नहीं बढ़ सकी। अय्यर (34 गेंद में दो चौके) 38वें ओवर में सिसांडा मगाला की गेंद पर पुल शॉट लगाने के प्रयास में आउट हो गए। अब टीम का स्कोर पांच विकेट पर 195 रन था। टीम ने इसी ओवर में 200 रन पूरे किए।
सूर्यकुमार तेजी से रन जुटा रहे थे और 40वें ओवर में ड्वेन प्रिटोरियस की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में मिडऑफ पर बावुमा को कैच दे बैठे। भारत ने छठा विकेट 210 रन के स्कोर पर गंवाया।
चाहर ने इसके बाद दबाव भरी परिस्थिति में बेहतरीन बल्लेबाजी की और जसप्रीत बुमराह के साथ आठवें विकेट के लिए 55 रन की भागीदारी की। पर भारत का दुर्भाग्य कि वह 48वें ओवर में एनगिडी की गेंद का शिकार हो गए। भारत ने इस तरह आठवां विकेट 278 रन पर गंवाया।
टीम आराम से जीत सकती थी। उसे अंतिम दो ओवर में जीत के लिए आठ रन चाहिए थे। लेकिन बुमराह (12) के आउट होने के बाद युजवेंद्र चहल (02) और प्रसिद्ध कृष्णा टीम को जीत तक नहीं ले जा सके। टीम 49.2 ओवर में सिमट गई।

Rashifal

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