लोकतंत्र को परिवारवादी पार्टियों से खतरा : प्रधानमंत्री

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आठ फरवरी को उसे आपातकाल, सिख विरोधी दंगों और कश्मीरी पंडितों के पलायन के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा परिवारवादी पार्टियों से है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक तरह से शहरी (अर्बन) नक्सलियों के कब्जे में है और वे उसके विचारों एवं विचारधारा को नियंत्रित कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने विपक्षी पार्टी को सुझाव दिया कि वह अपना नाम इंडियन नेशनल कांग्रेस से बदलकर फेडरेशन ऑफ कांग्रेस कर ले। प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बिना उनकी इस बात पर प्रहार करते हुए कही कि भारत राष्ट्र नहीं है और यह राज्यों का संघ है।

राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मोदी ने अपनी सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया और कांग्रेस पर देश के विकास में रोड़े अटकाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बावजूद भारत एकमात्र अर्थव्यवस्था है, जहां विकास की दर ऊंची और महंगाई की दर मध्यम है। प्रधानमंत्री ने कहा कांग्रेस एक तरह से शहरी नक्सलियों के कब्जे में है। इसलिए इसके विचार नकारात्मक होते जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री के भाषण के बाद राज्यसभा ने धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज करते हुए इसे ध्वनि मत से पारित किया।

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