विवेकाधीन जमीन आवंटन को रोकने के लिए कानून की आवश्यकता: एजी

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार चाहती है कि शहरी इलाकों में राजनीतिज्ञों और उच्च न्यायालयों एवं उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को जमीन आवंटित करने संबंधी विवेकाधीन कोटा खत्म करने के लिए एक कानून अवश्य लागू किया जाना चाहिए। एटर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने उच्चतम न्यायालय से कहा है कि संबंधित शहरी इलाके में जन्मे या अधिवास कर रहे भारतीय नागरिक को ही जमीन आवंटन के लिए सरकार के विवेकाधीन कोटे से आवंटन का पात्र होना चाहिए। वेणुगोपाल ने हालांकि, जरूरतमंदों और गरीबों को जमीन आवंटित करने को लेकर विवेकाधीन भूमि आवंटन नीति जारी रखने की सलाह दी।

क्या है मुद्दा

यह मुद्दा अविभाजित आंध्र प्रदेश (अब तेलंगाना) की ओर से हैदराबाद उच्च न्यायालय के 2010 के फैसले के खिलाफ दायर अपील में सामने आया था। इस मामले में उच्च न्यायालय ने हाउसिंग सोसाइटी को आवासीय भूखंडों के आवंटन पर विभिन्न सरकारी आदेशों को खारिज कर दिया था, जिसे राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।

Rashifal

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