जानिए दुनिया के पहले ऐसे देश के बारे में जहां सरकारी काम- काज में नहीं होता कागज का इस्तेमाल    

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया के लगभग सभी देश पर्यावण को बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। नए– नए नियम लागू किये जा रहे हैं। वहीं पर्यावरण संरक्षण और पेड़ों की कटाई रोकने के लिए सरकार द्वारा कई सारे कार्यक्रम, रेलियां, भाषण और आर्टिकल आपने सुने होंगे। अब वर्तमान समय में देखा जाए तो हरियाली बनाए रखने और कागज का कम से कम उपयोग हो, इसलिए कई देश डिजिटल वर्क को ज्यादा बढ़ावा दिया जा रहा है। 

इन सब में दुबई दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है, जहां कागज का उपयोग पूरी तरह बंद हो गया है। यहां की सरकार दुनिया की पहली ऐसी सरकार है जो अपने सरकारी काम में कागज का उपयोग नहीं करेगी। 

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कागज का उपयोग ना होने का सीधा मतलब यह कि, दुबई में सारे काम अब पूरी तरह से डिजिटल हो गए हैं। क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मख्तूम ने सरकारी दफ्तरों के पेपर लेस होने की घोषणा की है। 

उनके अनुसार, ये लोगों के जीवन को डिजिटल बनाने के लिए एक नए युग की शुरुआत है। यह पूरी तरह से एक अलग और नया जीवन होगा। इससे करोड़ों डॉलर्स बचेंगे और शारीरिक श्रम की भी बचत होगी।

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रिपोर्टस के अनुसार दुबई में सरकारी कामकाज को पेपरलेस बनाने की शुरुआत 2018 में ही शुरू हो गई थी, जो अब अपने लक्ष्य को पा चुकी है। पेपरलेस गवर्नेंस के चलते 33.6 करोड़ पेपरशीट हर साल बचाई जा सकेगी और इससे दुबई सरकार इस कानून से हर साल लगभग USD 350 million यानि भारतीय मुद्रा में करीब 2700 करोड़ रुपए बचा पाएगी। जिससे लगभग 14 लाख श्रम घंटों की बचत होगी।

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Rashifal

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