गुलाम नबी आजाद ने डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी की स्थापना की

जम्मू। कांग्रेस के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद ने सोमवार को अपने नए दल डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी का गठन किया और कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 बहाल करने को चुनावी मुद्दा नहीं बनाएंगे। उन्होंने कहा कि सड़क, जलापूर्ति और महंगाई चुनावी मुद्दे हैं। आजाद ने कहा, मैं किसी को चुनावी मुद्दा बनाने से नहीं रोक सकता। मेरे पास बहुत सारी चीजें हैं, मैं इसे चुनावी मुद्दा क्यों बनाऊं?

नई शुरुआत
आजाद ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, मैं आज यहां से डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी (डीएपी) की शुरुआत कर रहा हूं। यह लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक है। हमारी विचारधारा महात्मा गांधी के आदर्शों पर आधारित होगी। आजाद ने कहा कि डीएपी का किसी अन्य राजनीतिक पार्टी से कोई मुकाबला नहीं होगा और यह जम्मू-कश्मीर में शांति व सामान्य स्थिति को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

अनुच्छेत 370 पर बोले आजाद
आजाद ने कहा, मैंने कभी नहीं कहा कि ऐसा नहीं हो सकता। मैंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी-जी को नहीं मना सकता। अगर कोई मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी को मना सकता है, तो उन्हें ऐसा करना चाहिए। यह एक स्वागत योग्य कदम होगा। मेरा मोदी-जी पर इस तरह का कोई प्रभाव नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल संसद ही अनुच्छेद 370 को बहाल कर सकती है, लेकिन हमें बहुमत की जरूरत होगी। आजाद ने कहा, जब मोदी जी और अमित शाह जी ने संसद में मतदान कराया तो उन्हें 86 फीसदी वोट मिले।

मामला अदालत में
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करके जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था। उच्चतम न्यायालय ने दशहरे की छुट्टी के बाद फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है। आजाद ने कहा कि यह एक स्वागत योग्य कदम है कि उच्चतम न्यायालय 10 अक्टूबर से मामले की सुनवाई करेगा।

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