तेजस ट्रेन के डिब्बे खस्ताहाल

आईआरसीटीसी ने रेलवे से वंदे भारत ट्रेन के डिब्बे उपलब्ध कराने की मांग की

नई दिल्ली।  अहमदाबाद-मुंबई तेजस एक्सप्रेस की खस्ताहाल स्थिति का जिक्र करते हुए आईआरसीटीसी ने इस कॉरपोरेट ट्रेन के संचालन के लिए वंदे भारत ट्रेन के डिब्बे आवंटित करने के लिए रेलवे को पत्र लिखा है। जुलाई से आईआरसीटीसी की ओर से रेलवे बोर्ड और पश्चिम रेलवे को लिखे गए पत्रों में डिब्बों में पानी के रिसाव समेत एलसीडी स्क्रीन तथा शौचलयों की खराब स्थिति जैसे मुद्दे उठाए गए थे। साथ ही इन समस्याओं को दूर करने का अनुरोध किया गया था।

क्या कहा आईआरसीटीसी ने
इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने रेलवे बोर्ड और पश्चिम रेलवे को लिखे गए पत्रों में कहा, कृपया, कॉरपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस के लिए वंदे भारत ट्रेन की एक रस्क आवंटित की जाए, जिसमें 16 डिब्बे हों। इसमें कहा गया, यह (वंदे भारत ट्रेन के डिब्बे उपलब्ध कराना) विशेष रूप से मानसून के दौरान न केवल डिब्बों की कमियों से जुड़ी यात्री शिकायतों से छुटकारा दिलाएगा, बल्कि यांत्रिकी विभाग की अन्य दिक्कतों को भी हल करेगा। तेजस ट्रेन का रखरखाव तदर्थ आधार पर किया जा रहा है, जिससे इस ट्रेन सेवा को कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है।

ठीक से रखरखाव नहीं
अन्य पत्र में कहा गया, डिब्बों के रखरखाव के अभाव में इनकी स्थिति खराब हो गई है और इससे ब्रांड तेजस की छवि प्रभावित हो रही है। साथ ही ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों की शिकायतें बढ़ रही हैं। इस महीने की शुरुआत में लिखे गए पत्र में आईआरसीटीसी ने वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) की समाप्ति के बाद मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) द्वारा उपकरणों के रखरखाव के लिए कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराने का मुद्दा भी उठाया था। इसमें कहा गया, यहां तक कि आवंटित डिब्बे भी कथित तौर पर आरसीएफ (रेलवे कोच फैक्ट्री) द्वारा तेजस ट्रेन के लिए डिब्बे निर्माण की एक पायलट परियोजना है, जो बहुत सफल नहीं रही। फिलहाल चल रहे तेजस ट्रेन के डिब्बों का निर्माण एमसीएफ (मॉडर्न कोच फैक्ट्री) में किया गया है। इसके लिए ओईएम सहायता उपलब्ध नहीं है।

क्या कहते हैं आंकड़े
रेलवे अगस्त 2023 तक 75 वंदे भारत ट्रेन का निर्माण करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 सितंबर को अहमदाबाद और मुंबई के बीच तीसरी वंदे भारत ट्रेन शुरू करने वाले हैं।

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